दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Sunday, 12 November 2017

पहेली

पहेली

देखा जो मुस्कुरा के मुझे मेरे रकीब ने 
लो दोस्त सा लगने लगा दुश्मन करीब से 
नफरत की आग में कितने जल रहे थे हम 
पकड़ा जो उसने हाथ तो नदिया से बह गए 
बददुआये सारी  दुआ में बदल गयी 
अब जाके  हमने जाना ,दिल की नियत खराब थी 
ना जाने कब से कर  रहा था उनका ही इंतज़ार 
ना पाने पर कहता था उन्हें दुश्मन है मेरा यार 
आते ही उनके दिल की तबियत संभल गयी 
वो ही मेरी किस्मत है चाहत वो ही मेरी 
एक पल में ये उलझी सी पहेली सुलझ गयी 
मैं बाद मुद्दतो के इंसान में बदल गयी 
शिखा नारी