दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Tuesday, 13 March 2018

स्याह

स्याह 
कितने रंगो में ये, गुलाब हमे महकता है,
आखिर इस नाज़ुक गुंचे में, रंग कौन भर जाता है ?
इतनी कोशिश करी  मगर ,रंग ना पाया सपनो में ,
आखिर है कौन, वो माली जो सबको महकता है ?
पीला गेंदा  लाल गुलाब सब के गहने बना लिये 
फिर भी क्यों मेरे सपने काले कोई रंग नहीं आ पाता है. 
शिखानारी