दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Tuesday, 4 November 2014

यादो की लेखनी

यादो की लेखनी

यादो की लेखनी ले कर कुछ फूल वक़्त के चुन लूँ
 फुर्सत की इन घड़ियो में, कुछ टूटे सपने बुन लू,
 मैं  बीते लम्हे ढूंढू कुछ बीते वादे चुन लू  
मैं सात रंग ना चाहू एक काला लम्हा चुन लू ,
टूटी कड़ियों को जोडू नई ख्वाब श्रंखला बुन लू 
सपनो से खाली नींदे अश्क़ो से खाली आंखे ,
तू कहे तो मैं जीते जी कफ़न
 अपनी ही लाश का बन लू ,
कभी इस किस्मत पर हंस लू 
कभी इस किसमत पर रो लू .
शिखा नारी