दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Thursday, 28 July 2011

तबाही

तबाही 
जब  गम के एहसासों  से बन जाते है ,
गहरे बादल  तो बरस  लेती हू ,
एक बदली ही तो हू ,खुद को तड़पने की  सजा देती हू 
जो बरसती हू कभी दर्द से घायल हो के ,
तो तूफान  भी  कदमो में सर झुकाते है 
 अगर  तड़प उठता है ये दिल मेरा ,
मचल जाती हू और मैं ,जब रोते  रोते 
 मेरे आंसू भी जब दर्द की नदी से मिल जाते है ,
दिल की बस्ती  में बाढ़ आती है  
ये तबाही बेपनाह मचाते  है ,
हम खुद ,खुद से हार जाते है 
टूटे सपनो की अपनी लाशो को फिर से ,
उनकी कब्रों मैं हम दबाते है। 
shikhanaari