दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Monday, 6 March 2017

बहुत मैं थक गयी हूँ

                                                        बहुत मैं थक गयी हूँ 

बहुत मैं थक  गयी हूँ 

बहुत मैं थक  गयी हूँ बहुत विश्वास था

 पर वक़्त से छल गयी हूँ 

तुम्हारी आरज़ू में भटकती जा रही हूँ 

अजनबी रास्तो पर ठोकरे खा रही हूँ 

बहुत टुकड़े हैं दिल के 

कहाँ तक मैं  सम्भालूँ ?

भार सांसो का बहुत है क्यों खुद पर बोझ डालूँ ?

दिल के टूटे ये टुकड़े फेंकती जा रही हूँ  

रौशनी बुझ रही है आस बाकि नही है 

चौराहो में भटक कर मन्ज़िले खो चुकी हूँ 

रात का है अँधेरा रात काली बहुत है 

हर तरफ बेबसी है दूर जलता दिया है 

क्यों ???अब तक जल रहा है कदम जख्मी है मेरे 

और धूमिल  रौशनी है

ना कुछ पाने की आशा ना कुछ खोने को बाकि 

हाथ खली है अब तक क्यों?कुछ ना पा  सकी  हूँ 

 सभी रिश्ते निभाए ....... पर तुम को पा ना पाए

इतना तरसी हूँ साजन की 

तुम्हे पाने की छोड़ो मैं  खुद को पा  ना पायी 

मैं  खुद को भूल आयी