दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Thursday, 28 July 2011

प्रेमग्रन्थ

प्रेमग्रन्थ

प्रेम का, वैराग का तू भाव है अनुराग का, 
तू श्रंखला अभिव्यक्ति की माध्यम मेरे, अहसास का ,
तू चाँद जीवन रात्रि का मैं चांदनी इस चाँद की ,
तुम जिंदगी की पुस्तिका मैं दिन रात तुमको बांचती,
तुम में कही मैं खो गयी तेरी दुल्हन मैं  हो गयी ,
बन कर तेरी मीरा सजन मैं "सांवरे" में खो गयी ,
तुम देव हो तुम पूज्य हो गंगा का निर्मल वेग हो, 
मैं पापिनी !अज्ञान की तुमसे लिपट पावन हुयी, 
अतिशयोक्ति नही यह सत्य है तू प्रेम का संकल्प है ,
मैं आकृति हू भावो की सुन तू तृप्ति मेरी हर  प्यास की ,
मैं लतिका हू नाजुक सी एक तू दृढ़ सा कोई वृक्ष है ,
आकाश पर अब नज़र है तेरे वक्ष पर मेरी सहर है ,
मेरे हाथ मे तेरा हाथ है एक खूबसूरत डगर है ,
तुम रौशनी का एक दिया दिए में, मैं बाती पिया, 
तुम रौशनी देते तो हो पर जल रही हु मैं ,सदा ,
तुम जिंदगी की धुन कोई मैं प्यार का एक साज़ हूँ 
तुम गा  रहे गीत जब मैं गीत की आवाज़ हूँ ,
नज़रो का मेरी नूर हो खुशबु हू मैं  तुम फूल हो ,
धड़के तू दिल बन के यहाँ पर धड़कन में मैं ही, साँस लू 
बिखरी सी मैं हु चाँद रे मुझको जरा सी साँस दे ,
अपना बना के ओ  सजन जीवन को एक, एहसास दे। 
शिखानारी