दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Sunday, 26 March 2017

" माँ" भारती

 " माँ" भारती

चलो लिखती हूँ ,आज इन समाजो की बाते 
स्वार्थ से लथपथ रिवाज़ों की बाते ,
ये मन्दिर के किस्से ये मस्जिद के सजदे 
ये दीपावली और ईदो की राते,
कही  जल रही है वफाओ की होली ,
कहि बंट रही है नफरत की ईदी ,
कहि है पटाखे कहि है चिताये ,
कहि कोई भाई -भाई का, दुश्मन ,
कहि दे रहे लोग नफरत का भाषण ,
कहि देवता में छिपा कोई रावण ,
ना विश्वास करना ये चेतावनी है, 
बातो में स्वार्थ की मिट्ठी मिली है ,
गीता में धमकी की चिट्ठी मिली है ,
कुरानों की आयात से है अर्थ खाली 
बस नेताओ की है यहाँ पर दिवाली, 
ये हाजी ये पँडित ये लंगर ये घाट 
यहाँ बस नेताओ के ही है ठाठ, 
सुनो सबकी पर तुम भटकना नही 
खुद कस लो कमर देश को तुम बचा लो ,
चलो देश की बागडोरे सम्भालो 
सच्चाई से तुम बहकना नही ,
देना सलाह भाईचारा बढ़ाना 
ना नेता की सुन दोस्त को भूल जाना,
पकड़ हाथ सबका आगे बढो 
जय भारती " माँ ",का गौरव बनो