दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Saturday, 11 November 2017

जज्बा

जज्बा 
झीना सा अहसासों का परदा
इस पार अगन उस पार पवन ,
स्मृतियों की ज्वालायें कैंसे न बनेगी दावानल 
कैसे ना जलेंगे तन और मन,
 कैंसे ना जलेगी एक बिरहन 
तुम चाहो तो बरसो हम पर, 
बन कर बरखा अजनबी सजन 
बुझ जो गए तो राख बचेगी ,
जल जो गए तो खाख बचेगी 
 मुश्किल है नामुमकिन भी  ,
बन जाए लाशे फिर दुल्हन 
जली हुयी बगिया कोई 
 बन जाए फिर से हँसता गुलशन 
इतना सा अहसान करो , 
प्रेम नीर का मान करो 
लाखो पौधे है गुलशन में ,
किसी और पे ये जल दान करो 
मुझ को बस जलने दो तन्हा ,
इस जज्बे का तुममान करो । 
shikhanari