दोस्ती
दूर रौशनी सी है, जंगल घनेरो में
आस कोई जल उठी ,यादो के घेरे में ,
कही कोई ये उदासी ना ,लूट ले मेरी
इसलिए रहते है अक्सर हम ,अंधेरो में ,
है खज़ाना बड़ा दिल में, छुपाये हम
अब भला दिल छोड़ तन्हा, कैसे आये हम,
हो सके तो आप मेरे दिल में, बसर कर ले
खुद ही कोशिश करे थोड़ी, जगह कर ले ,
हम यहाँ आपको भी आशिक़ी देंगे
हो सके तो यादो से मेरी दोस्ती कर ले.
शिखा नारी
