दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Sunday, 7 January 2018

वियोग

वियोग 

तुम क्यों ऐसे रूठे हम से,सारी खुशिया जैसे गम से
आंसू बने मेरा जीवन ,और हंसी होंठो पर लाशे जैसे
ना बिखर सकी पूरी पूरी ,ना ही मैं सम्पूर्ण हुयी
ना रिश्ते संजो सकी अपने ,ना नव रिश्तो में बंध पायी
सब को पाने की ज़िद में मैं  कितने टुकड़ो मैं टूट गयी
 एक प्रश्न  है  ईश्वर से ,इतनी बेईमानी क्यों हमसे
बिन मांगे सब देते हो तो ,क्यों छीन लिया सब कुछ हमसे
टूटी चूड़ी ,रोते  नयना ,जीवन ये अंतहीन एक व्यथा कथा
जो मेरा था वो छीन लिया ,वाह खूब प्रभु इन्साफ किया
लाखो पापी हँसते देखे ,मुझको बिन पाप ही दंड दिया
शिखानारी