दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Sunday, 7 January 2018

कुदरत

कुदरत
आपने कितने सारे प्रश्न  पूछ डाले 
ना हसरत से तकना ,ना यूँ मुस्कुराना 
कही कोई बन के ना  बिखरे दीवाना ?
अगर बात ये है तो ,पूछो पवन से 
की वो क्यों सुनाती है चाहत का गाना, 
ये फूलो की खुशबु ,ये शबनम के मोती 
क्यों ये सुबह किरणों से मुँह को धोती ,
कैसे ना जागेगी कोई हसरत किसी की 
कैसे छुपायेंगे ये हम मुस्कुराना ,
कैसे बनाये  किसी को दीवाना जो 
जो डूबा हुआ हो नशे में पवन के 
उसे होश होता कहाँ ,क्या छुपाना  
नज़ारो का हो जो कुदरती सा दीवाना 
शिखा नारी