क्या हुआ
क्या हुआ ये जिंदगी मिलने से पहले खो गयी
शुरू होने से पहले कहानी किसको नींद आ गयी
ये किसकी किस्मतें बस जागते ही सो गयी
बहारो ने फिर किसको यहाँ धोखा दिया
फिर किस चमन में मुफ्त ही ख़िज़ाँ आ गयी
जहाँ तितलियों के वादे थे गुलो से,
वहाँ बदनसीबी कुछ नया गा गयी
टूटे हुए गुल ,तड़पते हुए दिल,अरमां की लाशे
ये मातम का मौसम ये ख्वाबो की मय्यत
उठाते उठाते ये टुकड़े दिलो के
ये किरचिया जिंदगी की हमे भा गयी
अब टूटे दिल को संभाले हुए है
हम मुस्कुरा के खुद ही खुद को को सँवारे हुए है
शिखानारी
