दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Tuesday, 16 January 2018

दुश्मनी

 दुश्मनी

बाते तो बहुत है ,जो तुमको बताऊ
बहुत है फ़साने जो तुमको सुनाऊ
मगर तुमको अपना तो समझू
पहले ज़रा अपने दिल को मनाऊ
तुम्हारी जफ़ाएँ छुपाऊ तो कैसे
नया  कोई धोखा खाऊ  तो कैसे
टुकड़े अभी तक जमीन पे पड़े है
दिल पे खंजर फिर से चलाऊ  तो कैसे
सितम सारे बोलो भुलाऊ तो कैसे
लबो पे मुहब्बत लाऊ तो कैसे
निगाहो से नफरत मिटाऊँ तो कैसे
बेहतर यही है चले जाओ यहां से
नफरत मेरी तुमको जला ही ना डाले
अपनी दुश्मनी से तुमको बचाऊँ  तो कैसे
shikhanaari