दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Saturday, 9 December 2017

नींद

 नींद

न चम्पा ना जूही ,न गुलाब ना गेंदा ही 
खुशबु फूलो से ही आये ये ही क्यों हो सकता ही ,
क्या खुशबु बीते लम्हो की  दिल में नहीं बसा सकते 
क्या छाया की शीतलता वाणी में नहीं छुपा सकते ,
पंछी की तरह सोच को पंख लगा के क्यों फिर नीचे गिर जाते है 
क्यों हम सब भी समय काल को ले नहीं, कही उड़ जाते है ,
क्यों स्वप्नों में बीते लम्हे आंखो में ही रह जाते है 
रोज़ रात स्वप्नों में हर सुख अपना होता है ,
पर आँखों के खुलते ही जीवन खुद सपना होता है 
हर आशा मंज़िल होती है हर दुविधा मिट जाती है 
प्रश्न सिर्फ इतना सा है ,
क्यों नींद मुझे ना आती है ??????
शिखानारी