दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Tuesday, 12 December 2017

बैरागी मन

बैरागी मन

बैरागी मन इत-उत भागे,कहाँ जुड़े है इसके धागे 
माया मोह तो त्याग चुका था इसको कोई मोह कहाँ था? 
फिर किन कच्चे धागो में उलझा इसके मन क्या,फिर मोह उपजा 
फिर घायल सा रोये पगला ,फिर नयनो के बाण चले क्या ,
फिर देखा एक झूठा सपना, छोड़ राग तू सम्भला था ना 
इश्क़ मुहब्बत छोड़ चका था ,सबसे ही मुँह मोड़ चूका था ,
वादा  था फिर ना पिघलेगा, दिल तेरा तो टूट चूका था 
सहो सजा जब तू  ना माना ,रातो में कर शुरू जागना,  
हर रिश्ता अब तजना होगा इंतज़ार ही मंज़िल होगी 
बेकरार तन मन होगा पर , मौत सा तेरा जीवन होगा ,
एक बेकद्री सजना होगा जाओ ये  टुटा दिल लेके 
मत आना अब पास मेरे रोके फिर  बैरागी होके। 
शिखानारी