दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Saturday, 9 December 2017

बरसात का मौसम 
ताउम्र आँखों में बरसात का मौसम 
ताउम्र नयनो से मोती गिराते हम ,पर 
मोती का खज़ाना किस पर लुटाते हम 
सो,सारा दहेज़ अपना दामन में समेटा 
हर एक मोती की सच्चाई परख कर 
खुद सौदा मुहब्बत का घाटे में किया है 
हर मोती हमने साजन तेरे सदके में 
खुद, खुद को दिया है।
shikhanaari