दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Wednesday, 27 December 2017

अश्क़ो से गुफ्तगू

अश्क़ो से गुफ्तगू

ना जानेगी कभी दुनिया हमे गम है तो वो क्या है 
हमारी मुस्कराहट से सभी खुद को अनजान पाते है 
अगर आँखों मैं आंसू है और लब पर हंसी भी तो 
कोई कैसे कहे ही हम तुम्हे पहचान जाते है 
अगर चाहो तो अश्क़ो से हमारे गुफ्तगू कर लो 
क्यूंकि ,ये आंसू ही है जो राज सारे  खोल आते है 
ना बंधन मानते है ये,ना दिल की मानते है ये 
 बंद पलको में  भी अश्के समंदर  तूफान लाते  हैं 
होंठ कुछ कह नहीं पाते ,बस ये दिल धड़कता है 
हमारी मुस्कुराहट पे अब सभी तरस खाते है 
शिखा नारी