दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Wednesday, 27 December 2017

परछाई


परछाई

पागल  मन ना माने रे
मेरा दुःख ना जाने रे,
बार बार खींचे मोहे
स्वप्नों को सच माने रे,
प्रियतम कब के बिछड़ चुके
भवसागर से पार हुए, 
न बाकि परछाई भी
कटु तो है पर सच्चाई भी ,
ये स्वप्नों में ढूंढ उन्हें
रोज़ नया संसार रचे,
फिर लेके टूटे सपने
अहसासों का प्यासा ये, 
नदी बनाये अश्क़ो की
खारा जल दिन रात चखे.
शिखा नारी