दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Friday, 29 December 2017

मंज़िलो का पता

मंज़िलो का पता

मंज़िलो का पता किसे है यहाँ? 
हाथो में नक्शा मिटा सा हुआ 
कही  कोई पक्का नहीं रास्ता 
 किसी को किसी से नहीं वास्ता 
ना जाने सभी की मंज़िल है क्या ?
इतनी गति है,इतना नशा
इतनी जिज्ञासा और खुला आसमां ,
सभी बेसबब दौड़ते है यहाँ 
 नहीं जानते ,सबको जाना कहाँ ? 
हर एक पल बदलती है ये ख्वाहिशे 
आधे सफर में ही फिर सब मुड़े, 
मुश्किल तो है जीवन की ये पगडंडिया 
इनको ही चुनना गर,हो मंज़िल की  चाह,
कांटे चुभेंगे बहेगा लहू मगर तय है 
अनुभव से मिलेगा तुम्हे वो वज़ूद ,
की तुम जान लोगे की मज़िल है क्या 
बेमक़सद गति को दो कुछ मंज़िले अब ज़रा 
ख्वाहिश  होंगी तुम्हारी अटल दोस्तों, 
नहीं कोई काँटा दर्द देगा पुनः। 
शिखानारी