दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Sunday, 3 December 2017

नारी

नारी  

क्या जानोगे नारी को 
जाओ दिल में बस के देखो 
त्याग कमर कस के देखो 
देह सुगंध तो चेतन है 
अवचेतन बन के देखो 
आँखों में  आंसू बन के 
होंठो पे आहे बन के 
पीड़ा प्रसव समझते हो 
आ जाओ प्रसूता बन के 
सहो  सास के ताने तुम 
सहो पति की पुरुषाई 
बेटो का भी कोप सहो 
जिनको तुम ही जग में लायी 
मर्यादा में बंध कर देखो 
अनिच्छा हर काम 
रोज़ रोज़ कर  के देखो 
न मन के वस्त्र मिले 
ना मन की कोई बात सुने 
सब को  तुम खुश रखने को 
खुद नारी बन के देखो 
शिखानारी