दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Sunday, 7 January 2018

फूल

फूल 

बड़ा बेबस सा  है कली  का गुल बन के महकना 
लोगो को कितना  शक कितना  शुबह होता  हैं 
कौन माली था ,बाग़ लगाया किसने,पर  
फूल के रूप पर हर इंसान फ़िदा होता है 
 कितनी मुद्दत  सोया रहा है गुल कांटो पर 
कौन सोचे किसी को वक़्त कहाँ होता है ?
शिखानारी