दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Friday, 1 December 2017

इश्क़

दिल का पंछी
कितना बोली थी मैं उनसे 
हो पायेगा प्रेम ना हमसे  
फिर भी तुमने तीर चलाया 
दिल पंछी को मार गिराया 
कितना भोला भाला सा था 
सौं पर्दो में चुप बैठा था 
नादानी में जोश में आया 
पी कर मदिरा कुछ वादों की 
अपना पूरा होश गवांया 
फिर पागल ने पंख पसारे
स्वप्नो से परवाज़ निखारे
एक उड़ान भी भर ना पाया 
शातिर प्रेम शिकारी ने 
बिलकुल सीधा बाण चलाया 
दिल का पंछी भोला भाला
सारे स्वप्ने हाथ से छूटे
सीधा नभ से गिरा आवारा
उड़ गए उसके प्राण पखेरू 
यही इश्क़  में उसने पाया 
शिखानारी