दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Saturday, 25 November 2017

किस्सा


किस्सा 


एक नज़र से लगन बढ़ी ,एक नज़र थी खेल  
एक बात ने तोड़ दिया कई, जन्मो का मेल 
 रिश्ता था  विश्वास का, शक से हो गया चूर 
प्रेम के साथ मुफ्त दर्द करना ही होगा मंज़ूर  
किस्सा सबका एक सा इंसान हो या हूर 
शिखानारी