दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Sunday, 26 November 2017

पर्दा

पर्दा 

एकदफा अक्ल के परदे को अपने तो उठा लो 
हर जुल्म परदे में ही करने का इल्म अपना 
औरत को भी परदे में रख कर यूँ  ना संवारो 
उसे इलज़ाम देते हो खुद ही तुम जुर्म करते हो 
किसने मिन्नत करी तुमसे शक्ल उसकी निहारो 
अगर वह खूबसूरत है तो परदे में रहे वरना
अरे ये कहने वालों खुद नियत अपनी सम्भालो  
इस तरह देखना उसको जहालत ये तुम्हारी 
सफर में साथ दो उसका अमानत तो तुम्हारी है
उसे भी ये इजाज़त  है वो जी ले जिस तरह चाहे 
कभी तुम कुछ ना कर पाओ तो बाहर भी वही जाए 
और कोई देख ले उसको तो फिर इलज़ाम लग जाए 
एक माँ का बहन बेटी का फ़र्ज़ भी निभाए वो 
आजकल बाप भी भाई भी बन कर सर उठाये वो 
भला बोलो ये मुंह इस तरह फिर क्यों छुपाये वो 
अपनी सोच पर शर्म का घूँघट तुम डालो 
औरत के चेहरे पे नहीं हुनर पर नजर डालो 
शिखानारी