ख्वाब
फिर से ये अहसास हुआ है ,कोई दिल के पास हुआ है
कितना सोचा राज छुपा लू ,सब से छुप के जाम उठा लू ,
पर सुरूर बेबाक हुआ है ,खुद पर मुझको नाज़ हुआ है
मेरा अपना बस तू ही तू खुशियों का अहसास हुआ है,
छिप छिप पाला था एक सपना ,तुझ को पा के पाक हुआ है
चाँद तोड़ लू तारे पा लू हसरत नहीं हमारी ऐसी ,
बस कुछ लम्हे बस मैं और तू जीवन जैसे ख्वाब हुआ है।
