वार
आंधी में बरसातों में उन बहके जज्बातो में
कितनी तन्हा मैं तब भी थी, जब हाथ था तेरे हाथो में
तू सोच रहा था मैं खुश हूँ तेरी ,बहकी सी बातो में
सुनो तुम हो एक टीन की छत ,आंसू की बरसातों में
है शोर बहुत जज्बातो का तेरी, झूठी सौगातो का
तार तार दामन मेरा धोखा ,इतना है तेरी बातो में
तुमसे मुझको कुछ काम नहीं तेरा इस दिल पे अब नाम नहीं
खुद चाक किया है दिल अपना ,ये इतना आसां काम नहीं
जाओ जागीर फरेब की ले कर , काफिर को प्यार करो
मुझमे है हिम्मत बहुत जानेजा ,चाहो तो फिर दिल पे वार करो
shikhanaari
