दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Friday, 17 November 2017

वार


वार

आंधी में बरसातों में उन बहके जज्बातो में 
कितनी तन्हा मैं तब भी थी, जब हाथ था तेरे हाथो में 
तू सोच रहा था मैं  खुश हूँ तेरी ,बहकी सी बातो में 
सुनो तुम हो एक टीन की छत ,आंसू की बरसातों में 
है शोर बहुत जज्बातो का तेरी, झूठी सौगातो  का 
तार तार दामन मेरा  धोखा ,इतना है तेरी बातो में 
तुमसे मुझको कुछ काम नहीं तेरा इस दिल पे अब  नाम नहीं 
खुद चाक किया है दिल अपना ,ये इतना आसां  काम नहीं
जाओ जागीर फरेब की ले कर , काफिर को प्यार करो 
मुझमे है हिम्मत बहुत जानेजा ,चाहो तो फिर दिल पे वार करो 
shikhanaari