दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Friday, 17 November 2017

उतरती धूप

उतरती धूप
इश्क़ का मौसम और ,उतरती धूप सी उम्रे 
क्या इश्क़ की खुदरा कोई, उम्र नहीं होती ,
जब फूल खिल रहे थे भँवरे, बागो की सजावट थे 
पतझड़ों के मौसम में लगावट की बाते, अच्छी नहीं लगती ,
ये सिर में एक है लट कुछ चांदी  से बालो की 
इस मोड़ पे आ कर शरारत, अच्छी नहीं लगती, 
पर आँखों में फिर शरारत है, चेहरे पे नूर भी 
मुझे जिंदगी के आसार कुछ ,अच्छे नहीं लगते, 
गर ऐसे में कोई दिल चुरा ले भी ले तो 
मुहब्बत के वादे कोई भी सच्चे नहीं लगते। 
shikhanari