दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Monday, 20 November 2017

इकरार

 इकरार 

शबनम ना समझो मुझे दरिया हूँ  आग का 
मुझसे मिल कर तो समंदर सूख जाते है ,
है तमन्ना तुझको जो ख्वाबो मेरी आ 
इतनी हिम्मत है तो कर खुद की तू  हस्ती को फना ,
जा मेरे दिलबर का चेहरा दिलबर की बाते ला 
कर सुलह दिलबर से दिल में, उन का घर है जहाँ सदा ,
अपने लिए कुछ जगह का दिल में इंतज़ाम कर के आ 
गर इज़ाज़त दे दे वो तो इश्क़ से इन्साफ कर के आ ,
खुद को फिर मैं मोम कर दू तुझमे ढल जाऊ
मैं बनू  निर्मल नदी निश्च्ला बहती हुयी ,
भूल कर दर्द बस सिर्फ ये कहती हुयी 
आ सके तो उस नदी की पावन धार बन के आ, 
स्वीकार कर  नदी की गति ,स्वीकार कर हर अनकही 
आ जा सनम स्वीकार अपनी, हार कर के आ 
अधूरी सी कहानी में नया ,किरदार बन के आ 
मंज़िलो तक के सफर का,इकरार कर  के।