दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Sunday, 19 November 2017

क़र्ज़


 क़र्ज़
अनुभवों के आग से पकाया है
ये जीवन हमने यूँ ही नहीं गवाया है ,
चोट खायी है ,दिल लगाया है 
हमने भी बेवफाई का पूरा मज़ा उठाया है ,
दिल के टुकड़ो को हमने भी 
कई बार तोडा है फिर बनाया है, 
बहुत दर्द पाया कभी, प्यार भी 
रिश्तो  की माला दुश्मनी के हार भी, 
अपने अश्क़ो को हमने कई बार 
खुद से भी छिपाया है, 
हम ने मुस्कुरा के हर धोखे को गले लगाया है 
खुद हाथ में खंजर दे कर दुश्मन को, 
खुद अपना पता बताया है 
मौत आनी ही है तय है तो, फिर डर  क्या ,
अपना कफ़न खरीद के खुद ही 
अपनी लाश पे चढ़ाया है ,
मैंने क़र्ज़ दुःख दर्द और बेबसी का 
 अपनों के सर चढ़ाया है। 
shikhanaari