दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Sunday, 26 November 2017

इन्तेहाँ

इन्तेहाँ

सुबह से शाम हो जाये हर अरमान खो जाए ,
 इंतज़ार की इन्तेहाँ ये हो पलक को चीर कर  रख दे 
अगर वह तेरी राह और मेरी नज़र के बीच में आये ,
मगर फिर भी ना आओ गर तो, दिल वीरान हो जाए 
हसरते मासूम मेरी जैसे कोई  तूफान  हो जाए,
खुद को मिटा दू या ,आरज़ू का क़त्ल कर दू मैं 
मेरा भोलापन वहशत का एक सामान हो जाए ,
ना ज़िद करना कभी इस जूनून को आज़माने की 
कही आरज़ू में आज़माने की,जीवन मेंरा ना  श्मशान हो जाए। 
शिखानारी