दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Wednesday, 29 November 2017

जीवन यज्ञ

जीवन यज्ञ
जब बरसेगा सावन अपने अरमा सी लुंगी
जब चमकेगी बिजली  यूँही छुप के सो लुंगी,
गरजेगा जब बादल फिर तो ना सह पाऊँगी
दूर ना जाना मुझसे तुम साजन, मैं डर जाउंगी ,
जब इस गहन अँधेरे में बादल की, गर्जन होगी 
 धक् धक् - धक् धक् दिल में कोई गर , दस्तक होगी, 
दरवाज़ा ना खोलूंगी ,मैं किस से क्या ,बोलूंगी 
तुम दीपक बन के मेरे दिल के कमरे में रहना ,
तेल दीप में ,अश्क़ो का ऊपर तक भर दू सजना 
प्रेम रौशनी तेरे में अब, फिर कैसा डर सजना ,
हाथ थाम कर मैं तेरा स्वप्नों ,मैं खो जाऊँगी 
आने दो तूफान सजन जीवन से, लड़ जाउंगी ,
गर तुम मेरे साथ जलो ,जीवन यज्ञ बनाउंगी। 
शिखानारी