दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Wednesday, 29 November 2017

तल्खिया


तल्खिया
इस क़दर ये तल्खिया मौजूद है
इश्क़ करने को बढ़े आगे कदम ,
दरमियान कुछ दूरियां मौजूद है
सिलसिला जन्मो का है सोचा मगर
हर तरफ एक फासला मौजूद है,
कितना भी अपना कहे तुमको मगर
दिल में कुछ पर अनकहा मौजूद है ,
कल्पना है अब हमारा साथ बस
दिल में इस एक वेदना मौजूद है.
तुम कहो तो चाक  कर डाले  जिगर
साथ देने को तेरे काफिला मौजूद है।
शिखानारी