दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Thursday, 23 November 2017

NAARI



NAARI 


माथे पे बिंदिया ,निगाहो में जादू 
साड़ी बदन पे ,हाथो में कंगन 
सिंदूर हो मांग में ,पाँव बिछिया 
बताओ ना तुम कौन हो इस धरा पे ?
क्या पहचान है अपना, परिचय कराओ 
किसी की हो पत्नी ,बेटी किसी की ,
किसी की हो माँ ,बहन, भाई की भी 
मगर नाम अपना कहा है? तुम्हारा, 
कहा खो गया खुद पे अभिमान ,सारा 
ना भूलो तुम्ही लक्ष्मी ,सरस्वती भी तुम्ही ही ,
वो काली कपाली तुम्ही, भैरवी भी 
सभी रूप तुमको अब निभाने, पड़ेंगे ,
कई दर्द तन्हा उठाने, पड़ेंगे 
अराजकता ने फिर ललकारा तुमको है,
तुम्हे  अस्त्र फिर से उठाने पड़ेंगे 
वक्री निगाहे,अभद्र टिप्णियाँ ,
ना अब हम  सहेंगे सौन्दर्य,वंदना
कला ज्ञान ही नारी की पहचान, होगी,
सुंदरता की कोई नहीं बात होगी 
ना अपमान देंगे ,ना अपमान लेंगे 
हम भी पुरुष के बराबर जियेंगे 
SHIKHA NAARI