दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Thursday, 23 November 2017

होता तो होगा


होता तो होगा 

दिल से दिल का राब्ता होता तो होगा 
अजनबी ही जिंदगी बन जाये तो फिर ,
किस्मतों का  दर्द से मशविरा होता तो होगा 
कोई अपरिचित अगर बेमक़सद याद आये, 
तूफ़ानो को मंज़िल का पता होता तो होगा 
कुछ भी नहीं है हम अपने  खुदा के सामने ,
उनकी नज़रो में हमारा फैसला होता तो होगा 
क्या पता ये जिंदगी कब क्या मोड़ ले ले ,
हादसों को जिंदगी का पता होता तो होगा 
अश्क़ बहते है कभी ,कभी हँसते है हम भी ,
सलीका हर लम्हे को गुज़रने का होता तो होगा 
अजनबी जिसकी बातो ने हमे इतना हसाँया, 
कोई रिश्ता हमारे दरमियान होता तो होगा 
ना हम माने न ये दिल ,ना मेरी आरज़ू भी ,
मगर फिर भी जो बहुत  याद आये उससे 
रूह का कुछ ना कुछ तो राब्ता होता तो होगा।
shikhanaari