दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Wednesday, 22 November 2017

अप्सरा ख्वाबो की

अप्सरा ख्वाबो की


ना शमा ही है महफ़िल में 
न परवाने ही  है दिखते,
ना रस्के महफ़िल ही सजती है 
न जाम से जाम मिलते है, 
मगर फिर भी ये अहल -ए -दिल 
नशे में बुत से चलते है, 
कौन सी मय है जिसके नशे में 
हर जिंदगी गुम है ,
ये किस साकी  के मयखाने से 
सब के सब गुम निकलते  है, 
सुना है अप्सरा ख्वाबो की 
नज़रो से पिलाती है, 
होश वो छीन लेती है नज़र
 जिससे मिलाती  है ,
बाद में हर जवां  दिल के 
मुक़द्दर बदलते हैं ,
गर उसकी गली गलती से भी 
गुज़री कोई हसरत ,
न फिर बचता है दिल यारो 
ना हस्ती की ही खबर रहती ,
वो रस्ता दिखा कर 
मंज़िलो पे लूट लेती है। 
shikhaNAARI