दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Wednesday, 22 November 2017

"रब"

"रब"

काश! कभी ऐसा हो जाए 
"खुदा" मिले और हम खो जायें, 
फिर हमको ढूढ़े 'रब" अपना और
 हमको उनको  खूब सताये ,
अपनी अपनी किस्मत खुद लिखे 
रोज़ नई रेखाएं बनाये ,
किसको दे क्या सजा किये की
 रब को कुछ भी समझ ना आये, 
फूल लगा दे पथ पर सारे 
मिटटी से आकाश बनाये ,
"रब" को अपने घर धूल  देख कर 
उलझन मेरी समझ भी आये ,
उर्वशी रम्भा और श्री नारद 
धरती पर ही स्वर्ग बनाये ,
सारे देव हमारे घर भी सज धज कर 
 जन्मदिनों पर भोज में आये ,
ना कोई भी हो उदास दर्द की हर, लकीर मिटाये 
जो चाहे अपने ही हाथ से अपनी, किस्मत आप बनाये, 
काश !कभी ऐसा हो जाए। 
SHIKHA NAARI