दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Friday, 24 November 2017

कैसा लगता होगा ?

कैसा लगता होगा ?

जब तेरा अपना सपना गैर की, आँखों में हो
हाथ तेरा बेबसी में किसी  गैर के, हाथो में हो,
कोई तेरा कुछ नही हो फिर भी तेरे, साथ हो
और जो हो सिर्फ तेरा गैर की बाहो, में हो,
बेबसी की इंतेहा हो और जिंदगी हो, एक सजा
होगा क्या जब सारी दुआएँ गैर की आहो, में हो,
तुमको वह दे दे सहारा खुद जो लड़खड़ाता,  रहा
और तेरा अपना सहारा मयखाने की दयारो, में हो,
काश !ऐ मेरे खुदा ,ये फ़क्त एक ख्वाब हो 
आंख जब मेरी खुले तो साथ आफताब हो ,
वो मेरे हो उनकी मैं और कोई भी ना हो दरमियान 
उनकी ये बेरुखी इश्क़ के अंदाज़े बयाँ  का एक  अंदाज़ हो। 
shikhanaari