दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Sunday, 2 July 2017

अफ़साने

अफ़साने

वक़्त की कीले थी और मेरी  यादो  की हथौड़ी 
अफ़साने सब तुम्हारे और बेबसी थी  मेरी थोड़ी ,
लैला को  ना खबर थी मजनू को ना इज़ाज़त 
बदनाम फिर भी हो  गयी मुहब्बत सभी की  थोड़ी ,
यादो ने जब वक़्त की कीलो पे पहला वार किया 
किसी के दिल से आयी आवाज़ ,हमने प्यार किया  ,
दिवार मुहब्बत की जाने क्यों नम सी खड़ी  थी 
 टूटते टुकड़ो में एक तस्वीर टंगी थी थी ,
धुंधली सी उस तस्वीर से, जब धूल उतारी 
पहचानी सी  धुंधली सी कोई अपनी ही  यादो की कड़ी थी ,
ख्वाबो के लाल रंग थे कुछ स्याह थे, बेबसी से 
खुशियों का गुलाबीपन था ,गर्दिश का अँधेरा भी ,
फूलो से लबो पर उनके , तस्वीर फट सी गयी थी 
आँखो की पूर्णमि भी अश्क़ो से ,बेनूर पड़ी थी, 
दूर बहुत दूर एक साया दिख तो रहा था ,पर
 उसकी निगाह में उल्फत की कुछ कमी थी ,
लो पहचान गए याद आया ,तुम ही तो थे यहाँ 
जो छीन के मेरे एहसास बना कर मुझे धुआँ, 
अजनबी की तरह ,गुमनाम हुए थे 
और हम ही तो  है ये बेरंग से ,जो तेरे लिए बर्बाद हुए थे,
तस्वीरें जिंदगी को हम पहचान गए है 
हम हारे नहीं है सुनो आज बताये, 
हम रंग खुद भरेंगे ये हम मान गए है 
हर नख्श तेरा गहरे  काले  रंग से रगेंगे  ,
हम आज जिंदगी को अपनी खुशियों का इंद्रधनुष करेंगे 
शिखानारी 



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