दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Thursday, 6 July 2017

बरसात

 बरसात
चलो बरसात के स्वागत में फिर एक गीत गाते है 
कोई कहता है ये बुँदे ,अमृत है मुहब्बत का ,
हम इन्हे इश्क़ के आंसू बताते है 
चलो अहसास की बारिश में फिर हम डूब  जाते है
भीगी हुयी आँखों से फिर ,उनको बुलाते है 
शायद उनका मन भी आज कुछ भीगा हुआ सा  है
इश्क़ के अहसास में डूबा हुआ सा  है
मेरा थाम के आंचल वो झूठी पुरानी कसम, फिर से खाते है
और हम भूल के उनके दिए लाखो  ,हज़ारो गम 
जान बुझ कर फिर एक धोखा यार, खाते है ,
ना हंसना रंजो गम तुम हमारी ,बेफ़कूफी पर 
अरे हम इस बहाने ही तो इस बेवफा का प्यार पाते है 
शिखानारी