दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Monday, 24 July 2017

तन्हा

तन्हा 
ना तुमको छोड़ पाती हूँ 
ना खुद से जोड़ पाती हूँ ,
ये धागा कितना कच्चा  है 
ना इसको तोड़ पाती हूँ ,
ना तुमसे कोई आशा है 
ना कोई आरज़ू मेरी ,
मगर फिर भी तुम्ही से 
क्यों ,जीत कर हार जाती हूँ ,
ना रिश्ता बांध पाती हूँ 
ना तुमको भूल पाती हूँ, 
मगर फिर हमेशा खुद को 
तुम्हारे साथ पाती हूँ ,
तेरे साथ होने पर सदा 
 खुद को भूल जाती हूँ ,
हर लम्हा मगर फिर भी 
खुद को क्यों बहुत तन्हा सा पाती हूँ।