दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Monday, 10 July 2017

अदा

अदा

ये सजा नहीं तो क्या है, 
 आईने में अपनी सूरत 
 सच से जुदा-जुदा है ,
अश्क़ो से भरी आंखे 
माथे पे ये शिकन भी ,
आहो से भरी साँसे 
लब पर खुदा- खुदा है, 
हमको भी क्या किसी से 
ये इश्क़ हो गया है ,
हम महफ़िलो में अक्सर 
रहते अब ग़मज़दा  है, 
लाखो है दोस्त फिर भी 
कुछ इंतज़ार सा है ,
मालूम तो नहीं पर 
लगता ये प्यार सा है ,
उससे ही दुश्मनी है 
जिसका खुमार सा है ,
उफ़ मेरे खुदा किस्सा 
अपना थोड़ा सा अलहदा है ,
न उनको अपना माना 
ना गैर ही कहा है ,
उनको यूँही सताना
और फिर उदास रहना,  
अपनी ये जाने कौन सी अदा है। 
शिखानारी