दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Saturday, 3 June 2017

बेबसी

 बेबसी
  
एक स्वप्न हूँ रूठा हुऑ या साजे दिल टूटा हुआ 
या एक ख़िलौना प्यार का बरसो से पड़ा छूटा हुआ ,
हूँ मैं हवन की आहुति या एक चिता जलती हुयी 
हूँ एक कविता अधलिखी या शमा कोई बुझती हुयी,
अतृप्त मन, अतृप्त तन अतृप्त मेरी जिंदगी  
दुआ है हर मझधार सी ,अस्वीकार मेरी बंदगी ,
करनी है पार ये नदी जीवन मेरा कश्ती कोई 
तूफ़ान  के आसार है और उस पार है, मंजिल मेरी ,
किस्मतो के जाल में उलझी हुयी मैँ चल पड़ी 
अफ़सोस क्या? पतवार जो भूली किनारे पर कही
मंज़िल ही जब मौत है तो फिर, क्यों हो कोई भी बेबसी
shikhanaari