तेरे इश्क़ की तमन्ना मेरी वो, हसरते भी,
तेरी बेक़रारियाँ मेरी वो, शरारते भी,
तेरी दिलफरेब बाते मेरी, जन्नतो सी राते,
तेरा वो जूनून साजन मुझे ,आज भी रुलाते,
सरे शाम आकर पलको में हमे बैठा कर,
मेरे लब पे हाथ रख कर मेरा, चैन छीन लेना,
आंसू मेरे वो सारे खुद में ,समेट लेना,
मधुशाला अपनी दुनिया नज़रे हुयी गुलाबी ,
हम हो गए शराबी ,किस्मत ने की खराबी
दुश्मन बना जमाना तू हो मेरा ,ये रब ना माना ,
हम आज भी प्यासे है हसरत है अब भी, बाकि
मेरा साकी सिर्फ तू हो ,चाहत में ही थी, कुछ खराबी,
मधुशाला तो है जीवन पर बिछड़ा हुआ है साकी
जो सबको पिलाते है ,बस उनकी प्यास बाकी।
शिखानारी
मधुशाला तो है जीवन पर बिछड़ा हुआ है साकी
जो सबको पिलाते है ,बस उनकी प्यास बाकी।
शिखानारी
