दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Sunday, 11 June 2017

अपरिपक्व हाथ

                                                                  अपरिपक्व हाथ 
                                                           
                                                                                 


ये विज्ञान ये, आविष्कार ये अनियंत्रित जवानी 
दीमक है, खोखला कर देगी ये नस्ल को ,
एक चाकू की तरह है जो काट देंगे 
आपकी  अधपकी फसल को ,
पहले जमानेवालो कुछ रस्मे बनाओ,
 नियम बना के घर में सामान ये लाओ 
एक बच्चे के हाथो में ,क़त्ल का दे के खिलौना ,
भगवान् के घर अंधेर ना आवाज़ लगाओ 
 नस्ल के भविष्य की यूँ  ना दो कुर्बानी ,
भारत के नसीब पर  कुछ तो हो मेहरबानी 
अब वक़्त किसे पूछे कौन कहां ? कौन नहीं है?, 
दुनिया तो अब फ़ोन के चक्कर में पड़ी है 
अब 'सॉरी' और 'लव यू' ही तालीम बने है ,
अब बुद्धिहीन भी यहाँ शौकीन बने है 
हर रस्मो रिवाजो की सब तौहीन बने है ,
हर शख्स को अब सिर्फ  बस 'नेट' पे यकीं है 
घर के बड़ो के अनुभव सब बेकार पड़े है ,
इज़्ज़त या मुहब्बत या क़त्ल करने की युक्ति 
कैसे किसी रिश्ते से मिल जाएगी मुक्ति ,
हर फन में माहिर यहाँ, अब लोग बड़े है 
एहसास ,वफ़ा ,इंतज़ार सब फक्त, बस  है दिल्लगी ,
एक पल में रिश्ते टूटे, नए रोज़ बने है
सब से गुज़ारिश है ,"ओ मेरे दोस्तों ! ,
पहले दिखाओ  रास्ता मंज़िल का पता दो 
फिर अपरिपक्व हाथ में  तुम फ़ोन दिला दो ,
अपने ही घर की नीव हिलने से बचा लो 
भारत की तक़दीर उजड़ने से बचा लो। 
शिखानारी