अब हमे और धोखा, गवारा नहीं
तेरे काँधे का जो ले सहारा लिया,
अपनी कश्ती को खुद ,भंवर के हवाले किया
तू समझा मिलेगा, किनारा नहीं,
बेरहम लम्हो का वो, ज़ोर था
मुझको समझ, बेसहारा नहीं ,
तुझसे लाखो मिलेंगे, संसार में
हम सा होगा कोई ,पर दुबारा नहीं,
हमने ठुकरा दिया, इस तेरे हाथ को
अब कोई तुमको देगा, सहारा नहीं ,
कौन होगा जो तेरे ,सितम सब सहे
तेरे संग होगा किसी का, गुजारा नहीं ,
तू मेरे प्यार को बेबसी, ना समझ
मैं अभी जंग किस्मत से, हारा नहीं,
फिर उठ के, हंस के नया घर, बना के
मैं फिर से जीऊँगा ,कही दिल लगा के ,
न समझना की मेरा वार, होगा करारा नहीं।
शिखानारी
तेरे काँधे का जो ले सहारा लिया,
अपनी कश्ती को खुद ,भंवर के हवाले किया
तू समझा मिलेगा, किनारा नहीं,
बेरहम लम्हो का वो, ज़ोर था
मुझको समझ, बेसहारा नहीं ,
तुझसे लाखो मिलेंगे, संसार में
हम सा होगा कोई ,पर दुबारा नहीं,
हमने ठुकरा दिया, इस तेरे हाथ को
अब कोई तुमको देगा, सहारा नहीं ,
कौन होगा जो तेरे ,सितम सब सहे
तेरे संग होगा किसी का, गुजारा नहीं ,
तू मेरे प्यार को बेबसी, ना समझ
मैं अभी जंग किस्मत से, हारा नहीं,
फिर उठ के, हंस के नया घर, बना के
मैं फिर से जीऊँगा ,कही दिल लगा के ,
न समझना की मेरा वार, होगा करारा नहीं।
शिखानारी
