जिंदगी ऐ! जिंदगी
जिंदगी ऐ! जिंदगी, मुश्किल रहा तेरा सफर
वक़्त का लेखा -जोखा देखा जो हम ने बैठ कर ,
यादो की जालिम आँधियाँ ,फैली है दूर दूर तक
हर तरफ गहरा धुआँ है छट्ता नहीं जो, आज तक,
किस्से कहानी की तरह अब, रह गए एहसास सब
वो पल जो मेरे प्यार के अरमान की थे ,आरजू ,
चाहा जिसे पाया उसे फिर किस्मतो से खो दिया
पाया जिसे चाहा नहीं, पर वो ही मेरा हो गया ,
अब जिंदगी का सफर, आधा बचा और खो गया
हम जी ना पाए जिंदगी ,उलझे रहे हम ख्वाब में ,
पाया था क्या खो दिया प्रश्नो के, इन जवाब में
अब सोचती हूँ जी तो लूँ ,मैं आबेहयात पी तो लू ,
मुझको मिला एक हमनवा तन्हाइयो के ,मोड़ पे
लो हो गया हिसाब पूरा जीवन के ,अंतिम छोर पे ,
ये थी मेरी कमाई जीवन के कुल निवेश से
जिंदगी का अंतिम पहर, अब उम्मीद की छायी घटा ,
मैं भूल के अब दर्द हर बरसूँगी सूखी रेत पे.
शिखानारी
वक़्त का लेखा -जोखा देखा जो हम ने बैठ कर ,
यादो की जालिम आँधियाँ ,फैली है दूर दूर तक
हर तरफ गहरा धुआँ है छट्ता नहीं जो, आज तक,
किस्से कहानी की तरह अब, रह गए एहसास सब
वो पल जो मेरे प्यार के अरमान की थे ,आरजू ,
चाहा जिसे पाया उसे फिर किस्मतो से खो दिया
पाया जिसे चाहा नहीं, पर वो ही मेरा हो गया ,
अब जिंदगी का सफर, आधा बचा और खो गया
हम जी ना पाए जिंदगी ,उलझे रहे हम ख्वाब में ,
पाया था क्या खो दिया प्रश्नो के, इन जवाब में
अब सोचती हूँ जी तो लूँ ,मैं आबेहयात पी तो लू ,
मुझको मिला एक हमनवा तन्हाइयो के ,मोड़ पे
लो हो गया हिसाब पूरा जीवन के ,अंतिम छोर पे ,
ये थी मेरी कमाई जीवन के कुल निवेश से
जिंदगी का अंतिम पहर, अब उम्मीद की छायी घटा ,
मैं भूल के अब दर्द हर बरसूँगी सूखी रेत पे.
शिखानारी
