दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Sunday, 28 May 2017

बंजारा

बंजारा

वक़्त की कीमत बहुत है कैसे, सब उन पर गंवा लूँ  
सारी  दुनिया बाकि अभी है कुछ, ख़ुशी तो मैं  भी पा लूँ  ,
वो तो मेरे ही रहेगे कुछ, नये रिश्ते बना लूँ  
खुद को दू  खुद का सहारा, मैं जरा खुद को सँभालूँ ,  
उनकी  खातिर खुद को भूली, नाम अब अपना कमा लूँ 
वो  बसा बैठे नया घर ,मैं भी अब खुद को बचा लूँ ,  
मेरे साजन बेवफा हैं  ,उनसे मैं नज़रे फिरा लूँ  
फिर किसी मजनू को ढूंढू खुद को ,फिर लैला बना लूँ  ,
  हिदायते सभी ये कैसे मैं, हमदम संभालूँ  
प्यार एक एहसास है, ये चाह कर आता  नहीं,
बस एक बार ही खोता है दिल, फिर ये मिल पाता नहीं  
दोस्तों मेरे तुम्हारे मशवरे का, शुक्रिया, 
पर ये दिल है दिल मेरा कोई बंजारा नहीं। 
शिखानारी