दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Thursday, 25 May 2017

जिन्दा लाश


जिन्दा लाश
जिन्दा लाशो की भीड़ ,चारो तरफ 
मौत से भी बड़ा हादसा ,जिंदगी, 
हर कोई मस्त है अपनी, धुन में यहाँ 
किसको फुरसत ढूंढे मेरे, लबो की हंसी ,
मैँ भी एक लाश सी जी रही हूँ यहाँ 
तू कहाँ है ?कहाँ है मेरी जिंदगी ,
राख् बनने से पहले जरा भीग लूँ  
तू बरस जा ज़रा मुझपे गरजती हुयी   
तेरी बूंदो में जी लू मैँ भीगीं हुयी ,
गीत छमछम -छमाछम ये ,गाती  हुयीं 
गीत जीवन का सब को सुनाती हुयी, 
तेरे वेग में बेखबर यूँही बहती  हुयी 
सागर से मिल जाऊँ  हंसती  हुयी, 
किसको पता कैसे गुज़री कहाँ 
ये मेरी जिंदगी यूँ , तरसती हुयी ,
जो समायी अथाह जल में, मुक्ति हुयी 
कौन फिर है कहाँ , जिसको फुरसत यहाँ 
ढूंढे हंस के गयी या तरसती हुयी 
शिखानारी