दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Thursday, 18 May 2017

आशाये


आशाये 

सुंदर कोमल एहसासो से बीजो के कोटर, खुलते है
अधखिले बीज मुस्कान लिए दो अधरों से जब, खिलते है,
वो दो पंखुडिया जीवन की कहती है हम भी ,जीवित है
हाँ बंद थे हम प्राचीरों में रीतियों की लौह ,जंजीरों में,
पर जब माटी में दफन हुए हर बंधन से  हम, मुक्त हुए
कोमल सपनो को हवा मिली हर दुविधा से हम, दूर हुए,
नवजीवन हमने अपनाया फिर सपना नया हमे, आया
फिर आशाओं के मेले है कब हमने कहा अकेले है,  
फल फूल खिलेंगे जीवन में एक अर्थ मिलेगा जीवन को 
हम भी देंगे शीतल छाया महकेंगे प्रेम दरीचों में ,
अपनी भी होगी एक जगह अपना भी होगा हमसाया 
शिखानारी