दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Sunday, 14 May 2017

माँ

माँ 

माँ तो माँ है, कैसे क्या विवरण दू माँ का ?
दिल के सारे ,एहसासो का कर दू मिश्रण 
सारे त्याग दर्द और ,ख़ुशियों का वो चूरन ,
हर जख्म पर माँ के, आँसू के वो  मलहम ,
मेरी हर इच्छा ही ,मेरी माँ का अर्चन, 
मैं  सोचू उससे भी, पहले सुन लेती है ,
मेरी हर मुश्किल को, माँ हल कर देती है ,
माँ है तो  मैं  कहाँ  अकेला ,
माँ ही है खुशियों का मेला, 
उसकी मन्नत में भी बस मैं, 
उसकी जन्नत भी बस मैं ही मैं ,
उसका गुरुर मैं ,जीवन सुरूर मैं 
जब माँ के आँचल में, छुप जाता हूँ ,
 माँ के आशीर्वादों से ,हिम्मत पाता हूँ ,
तूफ़ानो से तनहा ही मैं, भिड जाता हूँ ,
जीत के फिर माँ के चरणों में, आ जाता हूँ ,
माँ के कदमो में ही मोक्ष, मिलेगा सबको, 
निर्विवाद विश्वास पूर्ण "जननी" हम सबकी ,
"माँ" का विवरण दे  पाए, इतनी सशक्त नहीं मेरी ये लेखनी। 
शिखानारी